ज़िन्दगी ज़िन्दगी मेरे घर आना आना ज़िन्दगी
ज़िन्दगी मेरे घर आना आना ज़िन्दगी
मेरे घर का सीधा सा इतना पता है
मेरे घर के आगे मोहब्बत लिखा है
न दस्तक ज़रूरी , न आवाज़ देना
में साँसों की रफ़्तार से जान लूँगा
हवाओं की खुशबू से पहचान लूँगा
तेरा फूल हूँ दोस्त तेरी भूल हूँ
दोस्त तेरे हाथों में चेहरा छुपा के
जीना है जीना जीना ज़िन्दगी
ज़िन्दगी ओ ज़िन्दगी मेरे घर
आना आना ज़िन्दगी
ज़िन्दगी मेरे घर आना

maqst hai bhai..........dil ko chhu gayi
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