शिक्षा मंत्रालय को भी सायद इस बात का पता नहीं होगा की हमारी ट्रेने सेक्स शिक्षा का सबसे बड़ा साधन बन रही है . आपको यकीं नहीं होगा पर इन ट्रेनों ने कितने ही सायार और चित्रकार पैदा कर दिए है. आपको मेरी बात थोड़ी आजीब लगेगी सायद मगर यह सच है अगर आप को विश्वास नहीं हो रहा है तो किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन के बाथरूम में जाएँ और आपको भित्ति चित्र के मधम से ऐसी शिक्षा मिलेगी जिसकी कल्पना आपने
सपने में भी नही की होगी.
इन चित्रों के साथ सायरी का ऐसा संगम होता है की ग़ालिब होते तो ट्रेन के बाथरूम में ही मिलते . मगर अब उनका समय नहीं रहा है और देश में सेक्स शिक्षा का का प्रसार एक बड़ी समस्या बनी हुई है मेरा ऐसे प्रतिभाशाली लोगो से आग्रह है की बो सामने आये और शिक्षा मंत्रालय को भी उनकी सहयता करनी चाहिए क्योंकि जो कम सरकार नहीं कर सकी बो काम आप लोग कर रहे है. आखिर इतनी प्रतिभा अगर ट्रेन के बाथरूम में दम तोड़ देगी तो ये तो अन्याय होगा.
लेकिन कुछ भी हो इससे एक बात तो साफ होती है की हमारा युवा बर्ग यह चाहता है की उसका ज्ञान सिर्फ उन्ही तक सिमित न रहे . ऐसा नहीं की उन्होंने अपने प्रयास सिर्फ ट्रेनों तक ही सिमित रखे हों कोई भी सार्वजानिक बाथरूम मिलते ही उन्हें अपनी प्रतिभा का लोहा बार बार मनबना पड़ता है ऐसा कब तक होगा आखिर कब उन प्रतिभाओं को उनका सही मक़ाम मिलेगा. मेरा ऐसे महानुभाबों से अनुरोध है की बो सामने आये और अपनी इस प्रतिभा द्वारा देश को एक बड़ी समस्या से निदान दिलाएं
BY.................. THE PANDIT AND TEAM
Wednesday, January 6, 2010
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haa bhai baat tum ne sahi kaha ki galib hote toh bathroom me hi milte
ReplyDeletepar aise mahan bhav log toh tumhara blog padhenge nhai aise me tum he khuch karna padega
maa aa gaya pandit ji mast likha h gajab ki kalpnasheelta h keep it up..............
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